उत्तराखंड

तिरंगे में लिपट कर आया शहीद जगेन्द्र का पार्थिव शरीर, सैन्य सम्मान के साथ होगा अंतिम संस्कार

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शहीद जगेन्द्र ने आज आना था छुट्

देहरादून। शहीद जगेंद्र सिंह चौहान का पार्थिव शरीर उनके आवास पर पहुंच गया है। सियाचिन ग्लेशियर में पेट्रोलिंग के दौरान शहीद होने वाले कान्हर वाला भानियावाला निवासी पूरे सैन्य सम्मान के साथ उनका पार्थिव शरीर आवास पर पहुंचाया गया। शहीद का पार्थिव शरीर घर में पहुंचते ही परिवार से लेकर गांव तक के लोगों का रो रो कर बुरा हाल हो गया।

अतिंम संस्कार के लिए कुछ ही देर में ले जाया जाएगा हरिद्वार: कुछ देर बाद शहीद का पार्थिव शरीर अंतिम संस्कार के लिए हरिद्वार ले जाया जाएगा। सियाचिन ग्लेशियर में लैंड स्लाइडिंग होने से कान्हरवाला निवासी 325 लाइट एडी हवलदार जगेंद्र सिंह चौहान शहीद हो गए थे। शहीद का पार्थिव शरीर 23 फरवरी तक पहुंचने की उम्मीद थी, लेकिन आज शुक्रवार सुबह 8.30 बजे उनका शव पहुंचा। 

उनके शहीद होने की सूचना मिलते ही गांव में शोक का माहौल छाया हुआ था। कान्हरवाला भानियावाला निवासी जगेंद्र सिंह चौहान के मामा सेवानिवृत्त कैप्टन मनवीर सिंह बिष्ट ने जगेंद्र सिंह चौहान (35) पुत्र सेवानिवृत्त सूबेदार मेजर राजेंद्र सिंह चौहान के शहीद होने की जानकारी दी थी। 325 लाइट एडी बैटरी कमांडर मेजर पॉल ने उनको बताया कि शहीद जगेंद्र सिंह चौहान सियाचिन ग्लेशियर में तैनात थे।

25 फरवरी को आने वाले थे घर: पैट्रोलिंग के दौरान लैंड स्लाइडिंग होने के कारण जगेंद्र सिंह शहीद हो गए। जगेंद्र सिंह चौहान 25 फरवरी को घर आने वाले थे। वो घर तो आए, लेकिन तिरंगे में लिपटकर। उनके शहीद होने की सूचना मिलते ही पत्नी किरन चौहान और माता विमला चौहान गहरे सदमे में हैं। करीब चार साल पहले उनका विवाह हुआ था।

पूर्व ग्राम प्रधान नरेंद्र सिंह नेगी ने बताया कि मूलरूप से भनस्वाड़ी, थत्यूड़ ब्लॉक, टिहरी गढ़वाल निवासी राजेंद्र सिंह चौहान पिछले 2007 से कान्हरवाला भानियावाला में निवास कर रहे थे। जगेंद्र सिंह चौहान के शहीद होने की सूचना मिलते ही गांव में शोक छा गया।



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